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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-06-25

कोलकाता पंचांग — 25 जून 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, स्वाती नक्षत्र · गुरुवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 08:09 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 04:29 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशिवतक 10:53 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 07:08 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:53 AM
सूर्यास्त06:25 PM
चन्द्रोदय02:40 PM
चन्द्रास्त01:00 AM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:11 AM – 12:06 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:17 AM – 04:05 AM
अमृत काल05:37 AM – 07:23 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:20 PM – 03:02 PM
गुलिक काल08:16 AM – 09:57 AM
यमगण्ड04:53 AM – 06:34 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:00 PM – 01:54 PM
दुर्मुहूर्त04:36 PM – 05:30 PM

दिन चौघड़िया

शुभ04:53 AM – 06:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:34 AM – 08:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:16 AM – 09:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:57 AM – 11:39 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:39 AM – 01:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:20 PM – 03:02 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:02 PM – 04:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:43 PM – 06:25 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:25 PM – 07:43 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:43 PM – 09:02 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:02 PM – 10:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:20 PM – 11:39 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:39 PM – 12:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:57 AM – 02:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:16 AM – 03:34 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:34 AM – 04:53 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle