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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-08-13

कोलकाता पंचांग — 13 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · गुरुवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 08:42 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 4तक 06:06 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवरीयान्तक 12:16 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकिंस्तुघ्नतक 09:51 AMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:12 AM
सूर्यास्त06:10 PM
चन्द्रोदय05:37 AM
चन्द्रास्त06:37 PM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:15 AM – 12:06 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:36 AM – 04:24 AM
अमृत काल03:49 AM – 05:18 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:18 PM – 02:55 PM
गुलिक काल08:26 AM – 10:03 AM
यमगण्ड05:12 AM – 06:49 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:58 PM – 01:50 PM
दुर्मुहूर्त04:26 PM – 05:18 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:12 AM – 06:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:49 AM – 08:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:26 AM – 10:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:03 AM – 11:41 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:41 AM – 01:18 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:18 PM – 02:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:55 PM – 04:32 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:32 PM – 06:10 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:10 PM – 07:32 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:32 PM – 08:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:55 PM – 10:18 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:18 PM – 11:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:41 PM – 01:03 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:03 AM – 02:26 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:26 AM – 03:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:49 AM – 05:12 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle