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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-09-10

कोलकाता पंचांग — 10 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, मघा नक्षत्र · गुरुवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:22 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 10:33 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमघा · पाद 3तक 02:04 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 07:17 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणशकुनितक 10:33 AMस्थिर करण — औषधि, मन्त्र; शुभ आरम्भ वर्जित।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:22 AM
सूर्यास्त05:45 PM
चन्द्रोदय04:22 AM
चन्द्रास्त05:09 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:08 AM – 11:58 AM
ब्रह्म मुहूर्त03:46 AM – 04:34 AM
अमृत काल11:09 AM – 12:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:06 PM – 02:39 PM
गुलिक काल08:27 AM – 10:00 AM
यमगण्ड05:22 AM – 06:54 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:47 PM – 01:37 PM
दुर्मुहूर्त04:05 PM – 04:55 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:22 AM – 06:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:54 AM – 08:27 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:27 AM – 10:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:00 AM – 11:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:33 AM – 01:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:06 PM – 02:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:39 PM – 04:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:12 PM – 05:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत05:45 PM – 07:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:12 PM – 08:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:39 PM – 10:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:06 PM – 11:33 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:33 PM – 01:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:00 AM – 02:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:27 AM – 03:54 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:54 AM – 05:22 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle