VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-10-31

कोलकाता पंचांग — 31 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · शनिवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 04:57 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 4तक 07:12 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धतक 05:31 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 06:09 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:40 AM
सूर्यास्त05:00 PM
चन्द्रोदय10:00 PM
चन्द्रास्त10:53 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:57 AM – 11:42 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:04 AM – 04:52 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:30 AM – 09:55 AM
गुलिक काल05:40 AM – 07:05 AM
यमगण्ड12:45 PM – 02:10 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त08:41 AM – 09:26 AM
दुर्मुहूर्त01:13 PM – 01:58 PM

दिन चौघड़िया

काल05:40 AM – 07:05 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:05 AM – 08:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:30 AM – 09:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:55 AM – 11:20 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:20 AM – 12:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:45 PM – 02:10 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:10 PM – 03:35 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:35 PM – 05:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:00 PM – 06:35 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:35 PM – 08:10 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:10 PM – 09:45 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:45 PM – 11:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:20 PM – 12:55 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:55 AM – 02:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:30 AM – 04:05 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:05 AM – 05:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle