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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2026-11-12

कोलकाता पंचांग — 12 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · गुरुवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:47 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 06:09 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 3तक 02:19 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसुकर्मातक 04:26 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 06:09 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:47 AM
सूर्यास्त04:54 PM
चन्द्रोदय08:27 AM
चन्द्रास्त06:59 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त10:58 AM – 11:42 AM
ब्रह्म मुहूर्त04:11 AM – 04:59 AM
अमृत काल04:16 AM – 06:03 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:43 PM – 02:07 PM
गुलिक काल08:33 AM – 09:57 AM
यमगण्ड05:47 AM – 07:10 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त12:27 PM – 01:11 PM
दुर्मुहूर्त03:25 PM – 04:09 PM

दिन चौघड़िया

शुभ05:47 AM – 07:10 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:10 AM – 08:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:33 AM – 09:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:57 AM – 11:20 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:20 AM – 12:43 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:43 PM – 02:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:07 PM – 03:30 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:30 PM – 04:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत04:54 PM – 06:30 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:30 PM – 08:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:07 PM – 09:43 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:43 PM – 11:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:20 PM – 12:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:57 AM – 02:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:33 AM – 04:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:10 AM – 05:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle