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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2027-02-06

कोलकाता पंचांग — 6 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, श्रवण नक्षत्र · शनिवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 09:26 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रश्रवण · पाद 2तक 09:19 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगव्यतीपाततक 09:14 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणचतुष्पादतक 08:18 AMस्थिर करण — गोधन, स्थिर कार्य; शुभ आरम्भ हेतु मन्द।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:13 AM
सूर्यास्त05:28 PM
चन्द्रोदय06:00 AM
चन्द्रास्त05:11 PM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:28 AM – 12:13 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:37 AM – 05:25 AM
अमृत काल09:57 AM – 11:44 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:01 AM – 10:26 AM
गुलिक काल06:13 AM – 07:37 AM
यमगण्ड01:14 PM – 02:39 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:13 AM – 09:58 AM
दुर्मुहूर्त01:43 PM – 02:28 PM

दिन चौघड़िया

काल06:13 AM – 07:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:37 AM – 09:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:01 AM – 10:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:26 AM – 11:50 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:50 AM – 01:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:14 PM – 02:39 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:39 PM – 04:03 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:03 PM – 05:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ05:28 PM – 07:03 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:03 PM – 08:39 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:39 PM – 10:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:14 PM – 11:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:50 PM – 01:26 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:26 AM – 03:01 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:01 AM – 04:37 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:37 AM – 06:13 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle