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VedicSpaceपंचांगकोलकाता › 2027-05-26

कोलकाता पंचांग — 26 मई 2027

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, श्रवण नक्षत्र · बुधवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 04:05 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रश्रवण · पाद 1तक 04:19 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगब्रह्मतक 02:01 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 02:48 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:53 AM
सूर्यास्त06:15 PM
चन्द्रोदय11:02 PM
चन्द्रास्त09:30 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:17 AM – 04:05 AM
अमृत काल03:27 PM – 05:16 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:34 AM – 01:14 PM
गुलिक काल09:53 AM – 11:34 AM
यमगण्ड06:33 AM – 08:13 AM
वर्ज्यम्04:37 AM – 06:25 AM
अभिजित मुहूर्त11:07 AM – 12:00 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त08:26 AM – 09:20 AM

दिन चौघड़िया

लाभ04:53 AM – 06:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:33 AM – 08:13 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:13 AM – 09:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:53 AM – 11:34 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:34 AM – 01:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:14 PM – 02:54 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:54 PM – 04:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:34 PM – 06:15 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:15 PM – 07:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:34 PM – 08:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:54 PM – 10:14 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:14 PM – 11:34 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:34 PM – 12:53 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:53 AM – 02:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:13 AM – 03:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:33 AM – 04:53 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle