VedicSpace › पंचांग › कोलकाता › 2027-10-03
शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, विशाखा नक्षत्र · रविवार · पश्चिम बंगाल (22.5726°, 88.3639°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कोलकाता (22.5726°, 88.3639°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:28 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्थी | तक 01:28 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | रविवार | — | अधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण। |
| नक्षत्र | विशाखा · पाद 2 | तक 12:00 AM | मिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य। |
| योग | विष्कुम्भ | तक 01:45 PM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | वणिज | तक 01:42 PM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 05:28 AM |
| सूर्यास्त | 05:23 PM |
| चन्द्रोदय | 08:34 AM |
| चन्द्रास्त | 07:27 PM |
| चन्द्र राशि | तुला |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 11:01 AM – 11:49 AM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 03:52 AM – 04:40 AM |
| अमृत काल | 02:39 PM – 04:15 PM |
| राहु काल | 03:53 PM – 05:23 PM |
| गुलिक काल | 02:24 PM – 03:53 PM |
| यमगण्ड | 11:25 AM – 12:54 PM |
| वर्ज्यम् | 05:02 AM – 06:38 AM |
| दुर्मुहूर्त | 03:47 PM – 04:35 PM |
| उद्वेग | 05:28 AM – 06:57 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 06:57 AM – 08:26 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:26 AM – 09:56 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:56 AM – 11:25 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:25 AM – 12:54 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:54 PM – 02:24 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:24 PM – 03:53 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:53 PM – 05:23 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 05:23 PM – 06:53 PM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 06:53 PM – 08:24 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 08:24 PM – 09:54 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 09:54 PM – 11:25 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 11:25 PM – 12:56 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 12:56 AM – 02:26 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 02:26 AM – 03:57 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 03:57 AM – 05:28 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
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