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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2025-08-17

कुआलालंपुर पंचांग — 17 अगस्त 2025

कृष्ण पक्ष नवमी तिथि, कृत्तिका नक्षत्र · रविवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:11 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष नवमीतक 09:54 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रकृत्तिका · पाद 4तक 07:08 AMमिश्र नक्षत्र — मिश्रित फल; अग्नि-कर्म एवं नित्य कार्य।
योगध्रुवतक 06:58 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 10:59 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:11 AM
सूर्यास्त07:24 PM
चन्द्रोदय01:20 AM
चन्द्रास्त01:54 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:53 PM – 01:41 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:35 AM – 06:23 AM
अमृत काल06:04 AM – 07:34 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:52 PM – 07:24 PM
गुलिक काल04:20 PM – 05:52 PM
यमगण्ड01:17 PM – 02:49 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:46 PM – 06:35 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:11 AM – 08:42 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:42 AM – 10:14 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:14 AM – 11:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:45 AM – 01:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:17 PM – 02:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:49 PM – 04:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:20 PM – 05:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:52 PM – 07:24 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:24 PM – 08:52 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:52 PM – 10:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:20 PM – 11:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:49 PM – 01:17 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:17 AM – 02:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:45 AM – 04:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:14 AM – 05:42 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:42 AM – 07:11 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle