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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2025-10-18

कुआलालंपुर पंचांग — 18 अक्टूबर 2025

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · शनिवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 02:49 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 3तक 06:11 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगब्रह्मतक 04:18 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 02:49 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:57 AM
सूर्यास्त07:00 PM
चन्द्रोदय04:30 AM
चन्द्रास्त04:45 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:34 PM – 01:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:21 AM – 06:09 AM
अमृत काल12:15 PM – 01:58 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:57 AM – 11:28 AM
गुलिक काल06:57 AM – 08:27 AM
यमगण्ड02:28 PM – 03:59 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:09 AM – 10:58 AM
दुर्मुहूर्त02:59 PM – 03:47 PM

दिन चौघड़िया

काल06:57 AM – 08:27 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:27 AM – 09:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:57 AM – 11:28 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:28 AM – 12:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:58 PM – 02:28 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:28 PM – 03:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:59 PM – 05:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:29 PM – 07:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:00 PM – 08:29 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:29 PM – 09:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:59 PM – 11:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:28 PM – 12:58 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:58 AM – 02:28 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:28 AM – 03:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:57 AM – 05:27 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:27 AM – 06:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle