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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2026-07-27

कुआलालंपुर पंचांग — 27 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, मूल नक्षत्र · सोमवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष त्रयोदशीतक 06:45 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रमूल · पाद 3तक 12:58 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 01:25 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणतैतिलतक 06:45 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:12 AM
सूर्यास्त07:28 PM
चन्द्रोदय05:48 PM
चन्द्रास्त05:01 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:36 AM – 06:24 AM
अमृत काल07:01 AM – 08:48 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:44 AM – 10:16 AM
गुलिक काल02:52 PM – 04:24 PM
यमगण्ड11:48 AM – 01:20 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:55 PM – 01:44 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:11 PM – 05:00 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:12 AM – 08:44 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:44 AM – 10:16 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:16 AM – 11:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:48 AM – 01:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:20 PM – 02:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:52 PM – 04:24 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:24 PM – 05:56 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:56 PM – 07:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:28 PM – 08:56 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:56 PM – 10:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:24 PM – 11:52 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:52 PM – 01:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:20 AM – 02:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:48 AM – 04:16 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:16 AM – 05:44 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:44 AM – 07:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle