VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2026-08-04

कुआलालंपुर पंचांग — 4 अगस्त 2026

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, रेवती नक्षत्र · मङ्गलवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:12 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 12:33 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्ररेवती · पाद 1तक 12:24 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगधृतितक 10:03 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 01:03 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:12 AM
सूर्यास्त07:27 PM
चन्द्रोदय11:43 PM
चन्द्रास्त11:17 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:55 PM – 01:44 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:36 AM – 06:24 AM
अमृत काल11:13 PM – 12:48 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:23 PM – 05:55 PM
गुलिक काल01:19 PM – 02:51 PM
यमगण्ड10:15 AM – 11:47 AM
वर्ज्यम्01:41 PM – 03:16 PM
दुर्मुहूर्त12:06 PM – 12:55 PM
दुर्मुहूर्त03:22 PM – 04:11 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:12 AM – 08:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:43 AM – 10:15 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:15 AM – 11:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:47 AM – 01:19 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:19 PM – 02:51 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:51 PM – 04:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:23 PM – 05:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:55 PM – 07:27 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:27 PM – 08:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:55 PM – 10:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:23 PM – 11:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:51 PM – 01:19 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:19 AM – 02:47 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:47 AM – 04:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:15 AM – 05:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:43 AM – 07:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle