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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2026-09-06

कुआलालंपुर पंचांग — 6 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष दशमी तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · रविवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:07 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष दशमीतक 09:59 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 2तक 10:22 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धितक 12:15 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 11:12 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:07 AM
सूर्यास्त07:17 PM
चन्द्रोदय02:22 AM
चन्द्रास्त02:58 PM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:47 PM – 01:36 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:31 AM – 06:19 AM
अमृत काल02:10 PM – 03:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:45 PM – 07:17 PM
गुलिक काल04:14 PM – 05:45 PM
यमगण्ड01:12 PM – 02:43 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त05:39 PM – 06:28 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:07 AM – 08:38 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:38 AM – 10:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:09 AM – 11:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:40 AM – 01:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:12 PM – 02:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:43 PM – 04:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:14 PM – 05:45 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:45 PM – 07:17 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:17 PM – 08:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:45 PM – 10:14 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:14 PM – 11:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:43 PM – 01:12 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:12 AM – 02:40 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:40 AM – 04:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:09 AM – 05:38 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:38 AM – 07:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle