VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2026-09-22

कुआलालंपुर पंचांग — 22 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र · मङ्गलवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 12:13 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रउत्तराषाढ़ा · पाद 4तक 09:37 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगअतिगण्डतक 06:59 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 11:26 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:03 AM
सूर्यास्त07:10 PM
चन्द्रोदय03:59 PM
चन्द्रास्त03:17 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:42 PM – 01:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:27 AM – 06:15 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:08 PM – 05:39 PM
गुलिक काल01:06 PM – 02:37 PM
यमगण्ड10:04 AM – 11:35 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:53 AM – 12:42 PM
दुर्मुहूर्त03:07 PM – 03:56 PM

दिन चौघड़िया

रोग07:03 AM – 08:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:33 AM – 10:04 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:04 AM – 11:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:35 AM – 01:06 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:06 PM – 02:37 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:37 PM – 04:08 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:08 PM – 05:39 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:39 PM – 07:10 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:10 PM – 08:39 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:39 PM – 10:08 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:08 PM – 11:37 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:37 PM – 01:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:06 AM – 02:35 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:35 AM – 04:04 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:04 AM – 05:33 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:33 AM – 07:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle