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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2026-10-09

कुआलालंपुर पंचांग — 9 अक्टूबर 2026

कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:58 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष चतुर्दशीतक 12:06 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 2तक 11:49 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगब्रह्मतक 01:51 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 12:23 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:58 AM
सूर्यास्त07:03 PM
चन्द्रोदय05:42 AM
चन्द्रास्त05:56 PM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:36 PM – 01:24 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:22 AM – 06:10 AM
अमृत काल05:35 PM – 07:11 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:29 AM – 01:00 PM
गुलिक काल08:28 AM – 09:59 AM
यमगण्ड04:01 PM – 05:32 PM
वर्ज्यम्07:58 AM – 09:34 AM
दुर्मुहूर्त11:48 AM – 12:36 PM
दुर्मुहूर्त03:01 PM – 03:49 PM

दिन चौघड़िया

चर06:58 AM – 08:28 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:28 AM – 09:59 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:59 AM – 11:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:29 AM – 01:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:00 PM – 02:31 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:31 PM – 04:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:01 PM – 05:32 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:32 PM – 07:03 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:03 PM – 08:32 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:32 PM – 10:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:01 PM – 11:31 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:31 PM – 01:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:00 AM – 02:29 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:29 AM – 03:59 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:59 AM – 05:28 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:28 AM – 06:58 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle