VedicSpace › पंचांग › कुआलालंपुर › 2026-10-17
शुक्ल पक्ष षष्ठी तिथि, मूल नक्षत्र · शनिवार · (3.139°, 101.6869°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:57 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष षष्ठी | तक 08:24 AM | नन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | मूल · पाद 4 | तक 12:17 PM | तीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित। |
| योग | अतिगण्ड | तक 01:32 AM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | तैतिल | तक 08:24 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 06:57 AM |
| सूर्यास्त | 07:00 PM |
| चन्द्रोदय | 12:15 PM |
| चन्द्रास्त | 12:18 AM |
| चन्द्र राशि | धनु |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| अभिजित मुहूर्त | 12:34 PM – 01:22 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:21 AM – 06:09 AM |
| अमृत काल | 06:01 AM – 07:49 AM |
| राहु काल | 09:57 AM – 11:28 AM |
| गुलिक काल | 06:57 AM – 08:27 AM |
| यमगण्ड | 02:28 PM – 03:59 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:09 AM – 10:58 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:59 PM – 03:47 PM |
| काल | 06:57 AM – 08:27 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:27 AM – 09:57 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 09:57 AM – 11:28 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:28 AM – 12:58 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:58 PM – 02:28 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:28 PM – 03:59 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:59 PM – 05:29 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 05:29 PM – 07:00 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 07:00 PM – 08:29 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 08:29 PM – 09:59 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:59 PM – 11:28 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:28 PM – 12:58 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:58 AM – 02:28 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:28 AM – 03:57 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 03:57 AM – 05:27 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:27 AM – 06:57 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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