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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2026-11-26

कुआलालंपुर पंचांग — 26 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष द्वितीया तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · गुरुवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:01 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वितीयातक 03:45 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 08:17 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगसिद्धतक 10:19 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 03:45 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:01 AM
सूर्यास्त06:59 PM
चन्द्रोदय08:55 PM
चन्द्रास्त08:26 AM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:36 PM – 01:23 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:25 AM – 06:13 AM
अमृत काल01:32 PM – 02:56 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:29 PM – 03:59 PM
गुलिक काल10:00 AM – 11:30 AM
यमगण्ड07:01 AM – 08:30 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:11 PM – 02:59 PM
दुर्मुहूर्त05:23 PM – 06:11 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:01 AM – 08:30 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:30 AM – 10:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:00 AM – 11:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:30 AM – 01:00 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:00 PM – 02:29 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:29 PM – 03:59 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:59 PM – 05:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:29 PM – 06:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत06:59 PM – 08:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:29 PM – 09:59 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:59 PM – 11:29 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:29 PM – 01:00 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:00 AM – 02:30 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:30 AM – 04:00 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:00 AM – 05:30 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:30 AM – 07:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle