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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2026-12-26

कुआलालंपुर पंचांग — 26 दिसम्बर 2026

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, पुष्य नक्षत्र · शनिवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:15 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 10:35 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपुष्य · पाद 1तक 10:43 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगइन्द्रतक 06:46 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 12:12 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:15 AM
सूर्यास्त07:12 PM
चन्द्रोदय09:45 PM
चन्द्रास्त09:16 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:49 PM – 01:37 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:39 AM – 06:27 AM
अमृत काल06:15 PM – 07:40 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:14 AM – 11:43 AM
गुलिक काल07:15 AM – 08:44 AM
यमगण्ड02:43 PM – 04:12 PM
वर्ज्यम्09:41 AM – 11:06 AM
दुर्मुहूर्त10:26 AM – 11:14 AM
दुर्मुहूर्त03:13 PM – 04:00 PM

दिन चौघड़िया

काल07:15 AM – 08:44 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:44 AM – 10:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:14 AM – 11:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:43 AM – 01:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:13 PM – 02:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:43 PM – 04:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:12 PM – 05:42 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:42 PM – 07:12 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:12 PM – 08:42 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:42 PM – 10:12 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:12 PM – 11:43 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:43 PM – 01:13 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:13 AM – 02:43 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:43 AM – 04:14 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:14 AM – 05:44 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:44 AM – 07:15 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle