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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2027-01-04

कुआलालंपुर पंचांग — 4 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · सोमवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949धनु (मार्गशीर्ष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:19 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 08:46 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 1तक 02:45 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगशूलतक 02:33 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 07:40 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:19 AM
सूर्यास्त07:17 PM
चन्द्रोदय04:15 AM
चन्द्रास्त04:19 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिधनु
अयन · ऋतुदक्षिणायन · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:43 AM – 06:31 AM
अमृत काल01:50 PM – 04:30 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:48 AM – 10:18 AM
गुलिक काल02:47 PM – 04:17 PM
यमगण्ड11:48 AM – 01:18 PM
वर्ज्यम्05:50 AM – 07:37 AM
अभिजित मुहूर्त12:54 PM – 01:41 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:05 PM – 04:53 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:19 AM – 08:48 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:48 AM – 10:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:18 AM – 11:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:48 AM – 01:18 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:18 PM – 02:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:47 PM – 04:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:17 PM – 05:47 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:47 PM – 07:17 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:17 PM – 08:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:47 PM – 10:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:17 PM – 11:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:47 PM – 01:18 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:18 AM – 02:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:48 AM – 04:18 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:18 AM – 05:48 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:48 AM – 07:19 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle