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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2027-03-13

कुआलालंपुर पंचांग — 13 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष पञ्चमी तिथि, भरणी नक्षत्र · शनिवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:20 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पञ्चमीतक 04:25 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रभरणी · पाद 3तक 01:33 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवैधृतितक 10:00 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 04:25 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:20 AM
सूर्यास्त07:26 PM
चन्द्रोदय10:52 AM
चन्द्रास्त11:22 PM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:58 PM – 01:47 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:44 AM – 06:32 AM
अमृत काल10:10 AM – 11:44 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:21 AM – 11:52 AM
गुलिक काल07:20 AM – 08:50 AM
यमगण्ड02:53 PM – 04:24 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:33 AM – 11:22 AM
दुर्मुहूर्त03:24 PM – 04:12 PM

दिन चौघड़िया

काल07:20 AM – 08:50 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:50 AM – 10:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:21 AM – 11:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:52 AM – 01:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:23 PM – 02:53 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:53 PM – 04:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:24 PM – 05:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:55 PM – 07:26 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ07:26 PM – 08:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:55 PM – 10:24 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:24 PM – 11:53 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:53 PM – 01:23 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:23 AM – 02:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:52 AM – 04:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:21 AM – 05:50 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:50 AM – 07:20 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle