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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2027-03-28

कुआलालंपुर पंचांग — 28 मार्च 2027

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · रविवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:14 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 05:35 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 1तक 03:02 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगसिद्धितक 08:12 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 05:35 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:14 AM
सूर्यास्त07:23 PM
चन्द्रोदय12:29 AM
चन्द्रास्त11:40 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:54 PM – 01:42 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:38 AM – 06:26 AM
अमृत काल06:36 PM – 08:21 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल05:51 PM – 07:23 PM
गुलिक काल04:20 PM – 05:51 PM
यमगण्ड01:18 PM – 02:49 PM
वर्ज्यम्08:04 AM – 09:49 AM
दुर्मुहूर्त05:45 PM – 06:34 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:14 AM – 08:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:45 AM – 10:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:16 AM – 11:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:47 AM – 01:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:18 PM – 02:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:49 PM – 04:20 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:20 PM – 05:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:51 PM – 07:23 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ07:23 PM – 08:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:51 PM – 10:20 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:20 PM – 11:49 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:49 PM – 01:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:18 AM – 02:47 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:47 AM – 04:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:16 AM – 05:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:45 AM – 07:14 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle