VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2027-05-12

कुआलालंपुर पंचांग — 12 मई 2027

शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि, पुष्य नक्षत्र · बुधवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष सप्तमीतक 01:43 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपुष्य · पाद 2तक 05:26 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगगण्डतक 04:34 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणगरतक 02:47 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:02 AM
सूर्यास्त07:17 PM
चन्द्रोदय12:37 PM
चन्द्रास्त12:10 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:26 AM – 06:14 AM
अमृत काल12:27 PM – 01:57 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:09 PM – 02:41 PM
गुलिक काल11:37 AM – 01:09 PM
यमगण्ड08:33 AM – 10:05 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:45 PM – 01:34 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:18 AM – 11:07 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:02 AM – 08:33 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:33 AM – 10:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:05 AM – 11:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:37 AM – 01:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:09 PM – 02:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:41 PM – 04:13 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:13 PM – 05:45 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:45 PM – 07:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग07:17 PM – 08:45 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:45 PM – 10:13 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:13 PM – 11:41 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:41 PM – 01:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:09 AM – 02:37 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:37 AM – 04:05 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:05 AM – 05:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:33 AM – 07:02 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle