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VedicSpaceपंचांगकुआलालंपुर › 2027-09-23

कुआलालंपुर पंचांग — 23 सितम्बर 2027

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · गुरुवार · (3.139°, 101.6869°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना कुआलालंपुर (3.139°, 101.6869°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:02 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 07:07 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 2तक 07:37 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगव्यतीपाततक 02:05 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 07:07 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:02 AM
सूर्यास्त07:09 PM
चन्द्रोदय12:20 AM
चन्द्रास्त12:55 PM
चन्द्र राशिवृषभ
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:41 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:26 AM – 06:14 AM
अमृत काल12:09 PM – 01:42 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:36 PM – 04:07 PM
गुलिक काल10:03 AM – 11:34 AM
यमगण्ड07:02 AM – 08:32 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:18 PM – 03:06 PM
दुर्मुहूर्त05:32 PM – 06:20 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:02 AM – 08:32 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:32 AM – 10:03 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:03 AM – 11:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:34 AM – 01:05 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:05 PM – 02:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:36 PM – 04:07 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:07 PM – 05:38 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:38 PM – 07:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:09 PM – 08:38 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:38 PM – 10:07 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:07 PM – 11:36 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:36 PM – 01:05 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:05 AM – 02:34 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:34 AM – 04:03 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:03 AM – 05:32 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:32 AM – 07:02 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle