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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2025-08-03

लंदन पंचांग — 3 अगस्त 2025

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · रविवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 07:12 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 1तक 04:42 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगब्रह्मतक 02:34 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 06:15 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:27 AM
सूर्यास्त08:45 PM
चन्द्रोदय04:59 PM
चन्द्रास्त11:47 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:35 PM – 01:36 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:51 AM – 04:39 AM
अमृत काल01:58 PM – 04:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:50 PM – 08:45 PM
गुलिक काल04:55 PM – 06:50 PM
यमगण्ड01:06 PM – 03:00 PM
वर्ज्यम्05:59 AM – 07:46 AM
दुर्मुहूर्त06:42 PM – 07:43 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:27 AM – 07:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:21 AM – 09:16 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:16 AM – 11:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:11 AM – 01:06 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:06 PM – 03:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:00 PM – 04:55 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:55 PM – 06:50 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:50 PM – 08:45 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ08:45 PM – 09:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:50 PM – 10:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:55 PM – 12:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:00 AM – 01:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:06 AM – 02:11 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:11 AM – 03:16 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:16 AM – 04:21 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:21 AM – 05:27 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle