VedicSpace › पंचांग › लंदन › 2025-10-06
शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · सोमवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947कन्या (भाद्रपद)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष चतुर्दशी | तक 07:54 AM | रिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु। |
| वार | सोमवार | — | यात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म। |
| नक्षत्र | उत्तराभाद्रपद · पाद 1 | तक 11:32 PM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | वृद्धि | तक 08:43 AM | शुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक। |
| करण | वणिज | तक 07:54 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:09 AM |
| सूर्यास्त | 06:27 PM |
| चन्द्रोदय | 06:06 PM |
| चन्द्रास्त | 05:57 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | कन्या |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · वर्षा |
| ब्रह्म मुहूर्त | 05:33 AM – 06:21 AM |
| अमृत काल | 08:20 PM – 09:47 PM |
| राहु काल | 08:33 AM – 09:58 AM |
| गुलिक काल | 02:12 PM – 03:37 PM |
| यमगण्ड | 11:23 AM – 12:48 PM |
| वर्ज्यम् | 11:39 AM – 01:05 PM |
| अभिजित मुहूर्त | 12:25 PM – 01:10 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया। |
| दुर्मुहूर्त | 03:26 PM – 04:11 PM |
| अमृत | 07:09 AM – 08:33 AM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 08:33 AM – 09:58 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 09:58 AM – 11:23 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 11:23 AM – 12:48 PM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 12:48 PM – 02:12 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 02:12 PM – 03:37 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 03:37 PM – 05:02 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 05:02 PM – 06:27 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| चर | 06:27 PM – 08:02 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 08:02 PM – 09:37 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 09:37 PM – 11:12 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 11:12 PM – 12:48 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 12:48 AM – 02:23 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 02:23 AM – 03:58 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 03:58 AM – 05:33 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 05:33 AM – 07:09 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
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