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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2025-11-20

लंदन पंचांग — 20 नवम्बर 2025

कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि, अनुराधा नक्षत्र · गुरुवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अमावस्यातक 06:47 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 1तक 08:25 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगअतिगण्डतक 05:13 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणनागतक 06:47 AMस्थिर करण — केवल कठोर / क्रूर कर्म।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:27 AM
सूर्यास्त04:05 PM
चन्द्रोदय08:13 AM
चन्द्रास्त03:23 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:28 AM – 12:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:51 AM – 06:39 AM
अमृत काल07:30 PM – 10:12 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:50 PM – 01:55 PM
गुलिक काल09:36 AM – 10:41 AM
यमगण्ड07:27 AM – 08:31 AM
वर्ज्यम्11:25 AM – 01:13 PM
दुर्मुहूर्त12:37 PM – 01:12 PM
दुर्मुहूर्त02:55 PM – 03:30 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:27 AM – 08:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:31 AM – 09:36 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:36 AM – 10:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:41 AM – 11:46 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:46 AM – 12:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:50 PM – 01:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:55 PM – 03:00 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:00 PM – 04:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत04:05 PM – 06:00 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:00 PM – 07:55 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:55 PM – 09:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:50 PM – 11:46 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:46 PM – 01:41 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:41 AM – 03:36 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:36 AM – 05:31 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:31 AM – 07:27 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle