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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2025-11-29

लंदन पंचांग — 29 नवम्बर 2025

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:41 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 05:45 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 2तक 08:52 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगवज्रतक 01:42 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणबालवतक 06:21 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:41 AM
सूर्यास्त03:57 PM
चन्द्रोदय01:16 PM
चन्द्रास्त12:01 AM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:05 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:05 AM – 06:53 AM
अमृत काल02:45 PM – 04:19 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:45 AM – 10:47 AM
गुलिक काल07:41 AM – 08:43 AM
यमगण्ड12:51 PM – 01:53 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:53 AM – 10:26 AM
दुर्मुहूर्त01:11 PM – 01:44 PM

दिन चौघड़िया

काल07:41 AM – 08:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:43 AM – 09:45 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:45 AM – 10:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:47 AM – 11:49 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:49 AM – 12:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:51 PM – 01:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:53 PM – 02:55 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:55 PM – 03:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ03:57 PM – 05:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:55 PM – 07:53 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:53 PM – 09:51 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:51 PM – 11:49 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:49 PM – 01:47 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:47 AM – 03:45 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:45 AM – 05:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:43 AM – 07:41 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle