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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2025-12-07

लंदन पंचांग — 7 दिसम्बर 2025

कृष्ण पक्ष तृतीया तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · रविवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2082 (कालयुक्ति)शक संवत् 1947वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:51 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष तृतीयातक 12:55 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 1तक 10:41 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशुक्लतक 02:37 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 12:55 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:51 AM
सूर्यास्त03:52 PM
चन्द्रोदय06:31 PM
चन्द्रास्त10:47 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:35 AM – 12:07 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:15 AM – 07:03 AM
अमृत काल10:20 PM – 11:48 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:51 PM – 03:52 PM
गुलिक काल01:51 PM – 02:51 PM
यमगण्ड11:51 AM – 12:51 PM
वर्ज्यम्01:31 PM – 02:59 PM
दुर्मुहूर्त02:47 PM – 03:19 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग07:51 AM – 08:51 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:51 AM – 09:51 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:51 AM – 10:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:51 AM – 11:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:51 AM – 12:51 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:51 PM – 01:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:51 PM – 02:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:51 PM – 03:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ03:52 PM – 05:51 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:51 PM – 07:51 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:51 PM – 09:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:51 PM – 11:51 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:51 PM – 01:51 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:51 AM – 03:51 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:51 AM – 05:51 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:51 AM – 07:51 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle