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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-01-15

लंदन पंचांग — 15 जनवरी 2026

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, ज्येष्ठा नक्षत्र · गुरुवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 02:47 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रज्येष्ठा · पाद 2तक 12:17 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगवृद्धितक 03:08 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 02:47 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:59 AM
सूर्यास्त04:21 PM
चन्द्रोदय06:09 AM
चन्द्रास्त12:31 PM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:53 AM – 12:26 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:23 AM – 07:11 AM
अमृत काल04:29 PM – 06:16 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:12 PM – 02:15 PM
गुलिक काल10:04 AM – 11:07 AM
यमगण्ड07:59 AM – 09:01 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:00 PM – 01:33 PM
दुर्मुहूर्त03:14 PM – 03:47 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:59 AM – 09:01 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:01 AM – 10:04 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:04 AM – 11:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:07 AM – 12:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:10 PM – 01:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:12 PM – 02:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:15 PM – 03:18 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:18 PM – 04:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत04:21 PM – 06:18 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:18 PM – 08:15 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:15 PM – 10:12 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:12 PM – 12:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:10 AM – 02:07 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:07 AM – 04:04 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:04 AM – 06:01 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:01 AM – 07:59 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle