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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-04-13

लंदन पंचांग — 13 अप्रैल 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · सोमवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 08:39 PMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 4तक 11:33 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशुभतक 12:46 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 08:49 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:09 AM
सूर्यास्त07:54 PM
चन्द्रोदय04:50 AM
चन्द्रास्त02:50 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:33 AM – 05:21 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:52 AM – 09:35 AM
गुलिक काल02:44 PM – 04:27 PM
यमगण्ड11:18 AM – 01:01 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:34 PM – 01:29 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:14 PM – 05:09 PM

दिन चौघड़िया

अमृत06:09 AM – 07:52 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:52 AM – 09:35 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:35 AM – 11:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:18 AM – 01:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:01 PM – 02:44 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:44 PM – 04:27 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:27 PM – 06:10 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:10 PM – 07:54 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर07:54 PM – 09:10 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:10 PM – 10:27 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:27 PM – 11:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:44 PM – 01:01 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:01 AM – 02:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:18 AM – 03:35 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:35 AM – 04:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:52 AM – 06:09 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle