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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-04-25

लंदन पंचांग — 25 अप्रैल 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, आश्लेषा नक्षत्र · शनिवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:44 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 01:58 PMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रआश्लेषा · पाद 3तक 03:34 PMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 07:13 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणकौलवतक 01:58 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:44 AM
सूर्यास्त08:14 PM
चन्द्रोदय01:17 PM
चन्द्रास्त03:35 AM
चन्द्र राशिकर्क
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:30 PM – 01:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:08 AM – 04:56 AM
अमृत काल01:42 PM – 03:18 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:21 AM – 11:10 AM
गुलिक काल05:44 AM – 07:32 AM
यमगण्ड02:47 PM – 04:36 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त09:36 AM – 10:34 AM
दुर्मुहूर्त03:24 PM – 04:22 PM

दिन चौघड़िया

काल05:44 AM – 07:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ07:32 AM – 09:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:21 AM – 11:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:10 AM – 12:59 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:59 PM – 02:47 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:47 PM – 04:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:36 PM – 06:25 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:25 PM – 08:14 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ08:14 PM – 09:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:25 PM – 10:36 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:36 PM – 11:47 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:47 PM – 12:59 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:59 AM – 02:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:10 AM – 03:21 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:21 AM – 04:32 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:32 AM – 05:44 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle