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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-05-19

लंदन पंचांग — 19 मई 2026

शुक्ल पक्ष तृतीया तिथि, आर्द्रा नक्षत्र · मङ्गलवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:03 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष तृतीयातक 09:48 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रआर्द्रा · पाद 1तक 01:42 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगधृतितक 01:18 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 09:48 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:03 AM
सूर्यास्त08:52 PM
चन्द्रोदय06:47 AM
चन्द्रास्त12:38 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:27 AM – 04:15 AM
अमृत काल03:46 PM – 05:13 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:54 PM – 06:53 PM
गुलिक काल12:57 PM – 02:56 PM
यमगण्ड09:00 AM – 10:58 AM
वर्ज्यम्07:10 AM – 08:36 AM
दुर्मुहूर्त11:22 AM – 12:25 PM
दुर्मुहूर्त03:35 PM – 04:38 PM

दिन चौघड़िया

रोग05:03 AM – 07:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:01 AM – 09:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:00 AM – 10:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:58 AM – 12:57 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:57 PM – 02:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:56 PM – 04:54 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:54 PM – 06:53 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:53 PM – 08:52 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल08:52 PM – 09:53 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:53 PM – 10:54 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:54 PM – 11:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:56 PM – 12:57 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:57 AM – 01:58 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:58 AM – 03:00 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:00 AM – 04:01 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:01 AM – 05:03 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle