VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-05-25

लंदन पंचांग — 25 मई 2026

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र · सोमवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:55 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 12:41 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रउत्तरा फाल्गुनी · पाद 2तक 11:38 PMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवज्रतक 10:45 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणतैतिलतक 12:17 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:55 AM
सूर्यास्त09:00 PM
चन्द्रोदय02:59 PM
चन्द्रास्त02:22 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:19 AM – 04:07 AM
अमृत काल02:57 PM – 04:38 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:55 AM – 08:56 AM
गुलिक काल02:58 PM – 04:58 PM
यमगण्ड10:56 AM – 12:57 PM
वर्ज्यम्04:47 AM – 06:29 AM
अभिजित मुहूर्त12:25 PM – 01:29 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:42 PM – 05:47 PM

दिन चौघड़िया

अमृत04:55 AM – 06:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:55 AM – 08:56 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:56 AM – 10:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:56 AM – 12:57 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:57 PM – 02:58 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:58 PM – 04:58 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:58 PM – 06:59 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:59 PM – 09:00 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर09:00 PM – 09:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:59 PM – 10:58 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:58 PM – 11:58 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:58 PM – 12:57 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:57 AM – 01:56 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:56 AM – 02:56 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:56 AM – 03:55 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:55 AM – 04:55 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle