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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-06-22

लंदन पंचांग — 22 जून 2026

शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि, हस्त नक्षत्र · सोमवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948मिथुन (ज्येष्ठ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:43 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष अष्टमीतक 11:10 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रहस्त · पाद 1तक 07:24 AMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगव्यतीपाततक 06:01 AMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबवतक 11:10 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:43 AM
सूर्यास्त09:22 PM
चन्द्रोदय02:01 PM
चन्द्रास्त12:41 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमिथुन
अयन · ऋतुउत्तरायण · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:07 AM – 03:55 AM
अमृत काल11:44 PM – 01:26 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:47 AM – 08:52 AM
गुलिक काल03:07 PM – 05:12 PM
यमगण्ड10:57 AM – 01:02 PM
वर्ज्यम्01:57 PM – 03:39 PM
अभिजित मुहूर्त12:29 PM – 01:35 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:55 PM – 06:02 PM

दिन चौघड़िया

अमृत04:43 AM – 06:47 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:47 AM – 08:52 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:52 AM – 10:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:57 AM – 01:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:02 PM – 03:07 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:07 PM – 05:12 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:12 PM – 07:17 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:17 PM – 09:22 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर09:22 PM – 10:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ10:17 PM – 11:12 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:12 PM – 12:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:07 AM – 01:02 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:02 AM – 01:57 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:57 AM – 02:52 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:52 AM – 03:47 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:47 AM – 04:43 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle