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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-07-22

लंदन पंचांग — 22 जुलाई 2026

शुक्ल पक्ष नवमी तिथि, स्वाती नक्षत्र · बुधवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कर्क (आषाढ़)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:09 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष नवमीतक 02:33 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रस्वाती · पाद 3तक 06:33 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगसाध्यतक 02:12 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबालवतक 01:36 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:09 AM
सूर्यास्त09:04 PM
चन्द्रोदय03:32 PM
चन्द्रास्त11:41 PM
चन्द्र राशितुला
सूर्य राशिकर्क
अयन · ऋतुदक्षिणायन · ग्रीष्म

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त03:33 AM – 04:21 AM
अमृत काल08:02 AM – 09:47 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:06 PM – 03:05 PM
गुलिक काल11:07 AM – 01:06 PM
यमगण्ड07:08 AM – 09:07 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:34 PM – 01:38 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:23 AM – 10:27 AM

दिन चौघड़िया

लाभ05:09 AM – 07:08 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:08 AM – 09:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:07 AM – 11:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:07 AM – 01:06 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:06 PM – 03:05 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:05 PM – 05:05 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:05 PM – 07:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ07:04 PM – 09:04 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग09:04 PM – 10:04 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:04 PM – 11:05 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:05 PM – 12:05 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:05 AM – 01:06 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:06 AM – 02:07 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:07 AM – 03:07 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:07 AM – 04:08 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:08 AM – 05:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle