VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-08-27

लंदन पंचांग — 27 अगस्त 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र · गुरुवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:05 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 05:18 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रधनिष्ठा · पाद 2तक 09:45 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगअतिगण्डतक 02:57 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 05:02 PMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:05 AM
सूर्यास्त07:58 PM
चन्द्रोदय07:50 PM
चन्द्रास्त04:53 AM
चन्द्र राशिमकर
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:33 PM – 01:29 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:29 AM – 05:17 AM
अमृत काल10:51 AM – 12:32 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल02:45 PM – 04:29 PM
गुलिक काल09:33 AM – 11:17 AM
यमगण्ड06:05 AM – 07:49 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त02:24 PM – 03:20 PM
दुर्मुहूर्त06:06 PM – 07:02 PM

दिन चौघड़िया

शुभ06:05 AM – 07:49 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:49 AM – 09:33 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:33 AM – 11:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:17 AM – 01:01 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:01 PM – 02:45 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:45 PM – 04:29 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:29 PM – 06:13 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ06:13 PM – 07:58 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत07:58 PM – 09:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:13 PM – 10:29 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:29 PM – 11:45 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:45 PM – 01:01 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:01 AM – 02:17 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:17 AM – 03:33 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:33 AM – 04:49 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत04:49 AM – 06:05 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle