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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-09-01

लंदन पंचांग — 1 सितम्बर 2026

कृष्ण पक्ष पञ्चमी तिथि, अश्विनी नक्षत्र · मङ्गलवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:13 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष पञ्चमीतक 01:43 AMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारमङ्गलवारपराक्रम, शल्य-चिकित्सा, भूमि, विवाद — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रअश्विनी · पाद 2तक 10:12 PMक्षिप्र नक्षत्र — व्यापार, औषधि, विद्या, ललित कला, शीघ्र कार्य।
योगवृद्धितक 07:08 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 02:30 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:13 AM
सूर्यास्त07:47 PM
चन्द्रोदय08:56 PM
चन्द्रास्त11:28 AM
चन्द्र राशिमेष
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:32 PM – 01:27 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:37 AM – 05:25 AM
अमृत काल03:26 PM – 04:59 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:23 PM – 06:05 PM
गुलिक काल01:00 PM – 02:41 PM
यमगण्ड09:36 AM – 11:18 AM
वर्ज्यम्06:32 PM – 08:05 PM
दुर्मुहूर्त11:38 AM – 12:32 PM
दुर्मुहूर्त03:15 PM – 04:09 PM

दिन चौघड़िया

रोग06:13 AM – 07:54 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग07:54 AM – 09:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर09:36 AM – 11:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:18 AM – 01:00 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:00 PM – 02:41 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:41 PM – 04:23 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:23 PM – 06:05 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग06:05 PM – 07:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

काल07:47 PM – 09:05 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:05 PM – 10:23 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:23 PM – 11:41 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:41 PM – 01:00 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर01:00 AM – 02:18 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:18 AM – 03:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:36 AM – 04:54 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल04:54 AM – 06:13 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle