VedicSpace · वेधशाला

VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-09-11

लंदन पंचांग — 11 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · शुक्रवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948सिंह (श्रावण)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:29 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष प्रतिपदातक 03:16 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 4तक 08:46 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगसाध्यतक 12:32 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकिंस्तुघ्नतक 03:48 PMस्थिर करण — शुभ, उत्तम आरम्भ का पोषक।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:29 AM
सूर्यास्त07:25 PM
चन्द्रोदय06:53 AM
चन्द्रास्त07:11 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिसिंह
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:31 PM – 01:22 PM
ब्रह्म मुहूर्त04:53 AM – 05:41 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:20 AM – 12:57 PM
गुलिक काल08:06 AM – 09:43 AM
यमगण्ड04:11 PM – 05:48 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त11:39 AM – 12:31 PM
दुर्मुहूर्त03:06 PM – 03:58 PM

दिन चौघड़िया

चर06:29 AM – 08:06 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:06 AM – 09:43 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:43 AM – 11:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:20 AM – 12:57 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:57 PM – 02:34 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:34 PM – 04:11 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:11 PM – 05:48 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:48 PM – 07:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग07:25 PM – 08:48 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:48 PM – 10:11 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:11 PM – 11:34 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:34 PM – 12:57 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:57 AM – 02:20 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:20 AM – 03:43 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:43 AM – 05:06 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:06 AM – 06:29 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

लाइव पञ्चाङ्ग ऐप खोलें →

अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle