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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-09-26

लंदन पंचांग — 26 सितम्बर 2026

शुक्ल पक्ष पूर्णिमा तिथि, पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (2/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948कन्या (भाद्रपद)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष पूर्णिमातक 05:49 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशनिवारश्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित।
नक्षत्रपूर्वाभाद्रपद · पाद 4तक 07:02 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगगण्डतक 08:47 AMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणविष्टि (भद्रा)तक 06:17 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:53 AM
सूर्यास्त06:50 PM
चन्द्रोदय06:33 PM
चन्द्रास्त06:26 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिकन्या
अयन · ऋतुदक्षिणायन · वर्षा

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:27 PM – 01:15 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:17 AM – 06:05 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल09:52 AM – 11:21 AM
गुलिक काल06:53 AM – 08:22 AM
यमगण्ड02:21 PM – 03:50 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त10:04 AM – 10:52 AM
दुर्मुहूर्त02:51 PM – 03:38 PM

दिन चौघड़िया

काल06:53 AM – 08:22 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:22 AM – 09:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:52 AM – 11:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:21 AM – 12:51 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:51 PM – 02:21 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ02:21 PM – 03:50 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत03:50 PM – 05:20 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल05:20 PM – 06:50 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

लाभ06:50 PM – 08:20 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:20 PM – 09:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:50 PM – 11:21 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:21 PM – 12:51 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:51 AM – 02:21 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग02:21 AM – 03:52 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:52 AM – 05:22 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:22 AM – 06:53 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle