VedicSpace › पंचांग › लंदन › 2026-10-24
शुक्ल पक्ष त्रयोदशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शनिवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)
दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)
पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:40 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।
| फल | |||
|---|---|---|---|
| तिथि | शुक्ल पक्ष त्रयोदशी | तक 09:07 AM | जया तिथि — शुभ एवं सहायक। |
| वार | शनिवार | — | श्रम, लोहा, तेल, दीर्घकालिक कार्य — शुभ आरम्भ वर्जित। |
| नक्षत्र | उत्तराभाद्रपद · पाद 3 | तक 04:02 PM | स्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म। |
| योग | व्याघात | तक 03:31 PM | अशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित। |
| करण | तैतिल | तक 09:07 AM | चर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त। |
| सूर्योदय | 07:40 AM |
| सूर्यास्त | 05:49 PM |
| चन्द्रोदय | 04:52 PM |
| चन्द्रास्त | 05:20 AM |
| चन्द्र राशि | मीन |
| सूर्य राशि | तुला |
| अयन · ऋतु | दक्षिणायन · शरद् |
| अभिजित मुहूर्त | 12:24 PM – 01:04 PM |
| ब्रह्म मुहूर्त | 06:04 AM – 06:52 AM |
| अमृत काल | 01:02 PM – 02:36 PM |
| राहु काल | 10:12 AM – 11:28 AM |
| गुलिक काल | 07:40 AM – 08:56 AM |
| यमगण्ड | 02:00 PM – 03:16 PM |
| वर्ज्यम् | — |
| दुर्मुहूर्त | 10:22 AM – 11:03 AM |
| दुर्मुहूर्त | 02:26 PM – 03:06 PM |
| काल | 07:40 AM – 08:56 AM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 08:56 AM – 10:12 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 10:12 AM – 11:28 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 11:28 AM – 12:44 PM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 12:44 PM – 02:00 PM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 02:00 PM – 03:16 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 03:16 PM – 04:32 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 04:32 PM – 05:49 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| लाभ | 05:49 PM – 07:32 PM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
| अमृत | 07:32 PM – 09:16 PM | अमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम |
| काल | 09:16 PM – 11:00 PM | काल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित |
| शुभ | 11:00 PM – 12:44 AM | शुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा |
| रोग | 12:44 AM – 02:28 AM | रोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित |
| उद्वेग | 02:28 AM – 04:12 AM | उद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित |
| चर | 04:12 AM – 05:56 AM | चर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य |
| लाभ | 05:56 AM – 07:40 AM | लाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम |
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