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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-11-04

लंदन पंचांग — 4 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि, पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र · बुधवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948तुला (आश्विन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:59 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष एकादशीतक 05:06 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी · पाद 2तक 10:00 PMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगइन्द्रतक 12:56 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणबवतक 05:17 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:59 AM
सूर्यास्त04:29 PM
चन्द्रोदय01:20 AM
चन्द्रास्त02:26 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशितुला
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त05:23 AM – 06:11 AM
अमृत काल04:33 PM – 06:09 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल11:44 AM – 12:55 PM
गुलिक काल10:32 AM – 11:44 AM
यमगण्ड08:10 AM – 09:21 AM
वर्ज्यम्06:54 AM – 08:30 AM
अभिजित मुहूर्त11:25 AM – 12:03 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:31 AM – 10:09 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:59 AM – 08:10 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:10 AM – 09:21 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:21 AM – 10:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:32 AM – 11:44 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:44 AM – 12:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:55 PM – 02:06 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:06 PM – 03:17 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:17 PM – 04:29 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग04:29 PM – 06:17 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:17 PM – 08:06 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:06 PM – 09:55 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:55 PM – 11:44 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:44 PM – 01:32 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:32 AM – 03:21 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:21 AM – 05:10 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:10 AM – 06:59 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle