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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-11-20

लंदन पंचांग — 20 नवम्बर 2026

शुक्ल पक्ष एकादशी तिथि, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र · शुक्रवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:27 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष एकादशीतक 01:01 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रउत्तराभाद्रपद · पाद 1तक 01:20 AMस्थिर नक्षत्र — गृह-प्रवेश, रोपण, राज्याभिषेक, दीर्घकालिक एवं स्थायी कर्म।
योगवज्रतक 11:25 PMअशुभ नित्य-योग — शुभ कर्म वर्जित।
करणवणिजतक 01:30 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:27 AM
सूर्यास्त04:05 PM
चन्द्रोदय01:56 PM
चन्द्रास्त01:54 AM
चन्द्र राशिमीन
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:28 AM – 12:03 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:51 AM – 06:39 AM
अमृत काल10:02 PM – 11:37 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:41 AM – 11:46 AM
गुलिक काल08:31 AM – 09:36 AM
यमगण्ड01:55 PM – 03:00 PM
वर्ज्यम्12:30 PM – 02:05 PM
दुर्मुहूर्त10:54 AM – 11:28 AM
दुर्मुहूर्त01:12 PM – 01:46 PM

दिन चौघड़िया

चर07:27 AM – 08:31 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:31 AM – 09:36 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत09:36 AM – 10:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:41 AM – 11:46 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:46 AM – 12:50 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:50 PM – 01:55 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:55 PM – 03:00 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:00 PM – 04:05 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग04:05 PM – 06:00 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:00 PM – 07:55 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:55 PM – 09:50 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:50 PM – 11:46 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:46 PM – 01:41 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:41 AM – 03:36 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:36 AM – 05:31 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग05:31 AM – 07:27 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle