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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2026-11-30

लंदन पंचांग — 30 नवम्बर 2026

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, मघा नक्षत्र · सोमवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2083 (सिद्धार्थी)शक संवत् 1948वृश्चिक (कार्तिक)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 06:42 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रमघा · पाद 1तक 03:30 AMउग्र नक्षत्र — विध्वंस, शस्त्र, कठोर कर्म — शुभ कर्म वर्जित।
योगइन्द्रतक 08:57 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 07:25 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:42 AM
सूर्यास्त03:56 PM
चन्द्रोदय11:09 PM
चन्द्रास्त12:19 PM
चन्द्र राशिसिंह
सूर्य राशिवृश्चिक
अयन · ऋतुदक्षिणायन · शरद्

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त06:06 AM – 06:54 AM
अमृत काल02:52 AM – 04:26 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल08:43 AM – 09:45 AM
गुलिक काल12:50 PM – 01:52 PM
यमगण्ड10:47 AM – 11:49 AM
वर्ज्यम्05:33 PM – 07:06 PM
अभिजित मुहूर्त11:32 AM – 12:05 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त01:44 PM – 02:17 PM

दिन चौघड़िया

अमृत07:42 AM – 08:43 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल08:43 AM – 09:45 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:45 AM – 10:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:47 AM – 11:49 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग11:49 AM – 12:50 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर12:50 PM – 01:52 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ01:52 PM – 02:54 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:54 PM – 03:56 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर03:56 PM – 05:54 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ05:54 PM – 07:52 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:52 PM – 09:50 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:50 PM – 11:49 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:49 PM – 01:47 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग01:47 AM – 03:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:45 AM – 05:43 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर05:43 AM – 07:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle