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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-01-28

लंदन पंचांग — 28 जनवरी 2027

कृष्ण पक्ष सप्तमी तिथि, चित्रा नक्षत्र · गुरुवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:45 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष सप्तमीतक 10:33 PMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारगुरुवारसर्वाधिक शुभ — विवाह, शिक्षा, धर्म, धन, सन्तान।
नक्षत्रचित्रा · पाद 2तक 07:02 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगधृतितक 11:28 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणविष्टि (भद्रा)तक 10:22 AMभद्रा — समस्त शुभ कर्म वर्जित; कठोर कर्मों हेतु।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:45 AM
सूर्यास्त04:43 PM
चन्द्रोदय01:10 AM
चन्द्रास्त09:37 AM
चन्द्र राशिकन्या
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:56 AM – 12:31 PM
ब्रह्म मुहूर्त06:09 AM – 06:57 AM
अमृत काल02:11 PM – 03:50 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल01:21 PM – 02:28 PM
गुलिक काल09:59 AM – 11:06 AM
यमगण्ड07:45 AM – 08:52 AM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त01:07 PM – 01:43 PM
दुर्मुहूर्त03:31 PM – 04:07 PM

दिन चौघड़िया

शुभ07:45 AM – 08:52 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग08:52 AM – 09:59 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग09:59 AM – 11:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:06 AM – 12:14 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:14 PM – 01:21 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:21 PM – 02:28 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल02:28 PM – 03:35 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ03:35 PM – 04:43 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

रात्रि चौघड़िया

अमृत04:43 PM – 06:35 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल06:35 PM – 08:28 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ08:28 PM – 10:21 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग10:21 PM – 12:14 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:14 AM – 02:06 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:06 AM – 03:59 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:59 AM – 05:52 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत05:52 AM – 07:45 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle