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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-02-03

लंदन पंचांग — 3 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष द्वादशी तिथि, मूल नक्षत्र · बुधवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मकर (पौष)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 07:36 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष द्वादशीतक 08:20 AMभद्रा तिथि (पक्ष की 2, 7 और 12) — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रमूल · पाद 4तक 06:56 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगहर्षणतक 01:14 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 08:20 AMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय07:36 AM
सूर्यास्त04:53 PM
चन्द्रोदय06:27 AM
चन्द्रास्त01:11 PM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिमकर
अयन · ऋतुउत्तरायण · हेमन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त06:00 AM – 06:48 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:14 PM – 01:24 PM
गुलिक काल11:04 AM – 12:14 PM
यमगण्ड08:45 AM – 09:55 AM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त11:55 AM – 12:33 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त10:04 AM – 10:41 AM

दिन चौघड़िया

लाभ07:36 AM – 08:45 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:45 AM – 09:55 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:55 AM – 11:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ11:04 AM – 12:14 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:14 PM – 01:24 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:24 PM – 02:33 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:33 PM – 03:43 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ03:43 PM – 04:53 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग04:53 PM – 06:43 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर06:43 PM – 08:33 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ08:33 PM – 10:24 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:24 PM – 12:14 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:14 AM – 02:04 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:04 AM – 03:55 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:55 AM – 05:45 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:45 AM – 07:36 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle