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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-02-28

लंदन पंचांग — 28 फ़रवरी 2027

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र · रविवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949कुम्भ (माघ)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:48 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 06:16 PMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रअनुराधा · पाद 4तक 08:17 AMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगहर्षणतक 04:58 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणकौलवतक 06:16 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:48 AM
सूर्यास्त05:39 PM
चन्द्रोदय02:36 AM
चन्द्रास्त09:17 AM
चन्द्र राशिवृश्चिक
सूर्य राशिकुम्भ
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त11:51 AM – 12:35 PM
ब्रह्म मुहूर्त05:12 AM – 06:00 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल04:17 PM – 05:39 PM
गुलिक काल02:56 PM – 04:17 PM
यमगण्ड12:13 PM – 01:34 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त04:12 PM – 04:55 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग06:48 AM – 08:09 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर08:09 AM – 09:30 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:30 AM – 10:52 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:52 AM – 12:13 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:13 PM – 01:34 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:34 PM – 02:56 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:56 PM – 04:17 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:17 PM – 05:39 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ05:39 PM – 07:17 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग07:17 PM – 08:56 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग08:56 PM – 10:34 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर10:34 PM – 12:13 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:13 AM – 01:52 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत01:52 AM – 03:30 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:30 AM – 05:09 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ05:09 AM – 06:48 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle