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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-03-17

लंदन पंचांग — 17 मार्च 2027

शुक्ल पक्ष दशमी तिथि, पुनर्वसु नक्षत्र · बुधवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मीन (फाल्गुन)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 06:10 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष दशमीतक 10:51 PMपूर्णा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारबुधवारव्यापार, विद्या, लेखा, संवाद, लघु यात्रा।
नक्षत्रपुनर्वसु · पाद 1तक 11:37 PMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगशोभनतक 12:17 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणतैतिलतक 12:04 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय06:10 AM
सूर्यास्त06:08 PM
चन्द्रोदय11:40 AM
चन्द्रास्त03:51 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमीन
अयन · ऋतुउत्तरायण · शिशिर

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:34 AM – 05:22 AM
अमृत काल09:33 PM – 11:02 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल12:09 PM – 01:38 PM
गुलिक काल10:39 AM – 12:09 PM
यमगण्ड07:39 AM – 09:09 AM
वर्ज्यम्12:37 PM – 02:06 PM
अभिजित मुहूर्त11:45 AM – 12:32 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त09:21 AM – 10:09 AM

दिन चौघड़िया

लाभ06:10 AM – 07:39 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत07:39 AM – 09:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल09:09 AM – 10:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ10:39 AM – 12:09 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग12:09 PM – 01:38 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग01:38 PM – 03:08 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर03:08 PM – 04:38 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:38 PM – 06:08 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम

रात्रि चौघड़िया

उद्वेग06:08 PM – 07:38 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:38 PM – 09:08 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:08 PM – 10:38 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:38 PM – 12:09 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:09 AM – 01:39 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ01:39 AM – 03:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:09 AM – 04:39 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग04:39 AM – 06:10 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle