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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-04-26

लंदन पंचांग — 26 अप्रैल 2027

कृष्ण पक्ष षष्ठी तिथि, मूल नक्षत्र · सोमवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: आंशिक (3/4)विक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:42 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष षष्ठीतक 05:27 AMनन्दा तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारसोमवारयात्रा, जल-द्रव्य, लोक-व्यवहार, शान्ति, माता, कोमल कर्म।
नक्षत्रमूल · पाद 4तक 07:00 AMतीक्ष्ण नक्षत्र — अभिचार, संघर्ष, सम्बन्ध-विच्छेद — शुभ कर्म वर्जित।
योगशिवतक 10:18 AMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणगरतक 04:14 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:42 AM
सूर्यास्त08:15 PM
चन्द्रोदय01:53 AM
चन्द्रास्त08:39 AM
चन्द्र राशिधनु
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:06 AM – 04:54 AM
अमृत काल

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल07:31 AM – 09:20 AM
गुलिक काल02:47 PM – 04:36 PM
यमगण्ड11:09 AM – 12:58 PM
वर्ज्यम्
अभिजित मुहूर्त12:29 PM – 01:27 PM — अभिजित् पर आज दुर्मुहूर्त पड़ रहा है — इसलिए इसे शुभ नहीं गिना गया।
दुर्मुहूर्त04:22 PM – 05:20 PM

दिन चौघड़िया

अमृत05:42 AM – 07:31 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल07:31 AM – 09:20 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ09:20 AM – 11:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग11:09 AM – 12:58 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग12:58 PM – 02:47 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर02:47 PM – 04:36 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ04:36 PM – 06:25 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत06:25 PM – 08:15 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम

रात्रि चौघड़िया

चर08:15 PM – 09:25 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:25 PM – 10:36 PMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत10:36 PM – 11:47 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल11:47 PM – 12:58 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:58 AM – 02:09 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:09 AM – 03:20 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग03:20 AM – 04:31 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर04:31 AM – 05:42 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle