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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-05-09

लंदन पंचांग — 9 मई 2027

शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि, मृगशिरा नक्षत्र · रविवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949मेष (चैत्र)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 05:18 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिशुक्ल पक्ष चतुर्थीतक 01:53 AMरिक्ता तिथि — क्षयकारी; कठोर अथवा नित्य कर्मों हेतु।
वाररविवारअधिकार, शासन, औषधि, पिता, पराक्रम, स्वर्ण।
नक्षत्रमृगशिरा · पाद 3तक 03:29 PMमृदु नक्षत्र — विवाह, मैत्री, संगीत, आभूषण, सुख।
योगसुकर्मातक 06:50 PMशुभ नित्य-योग — दिन के कार्यों का पोषक।
करणवणिजतक 03:13 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय05:18 AM
सूर्यास्त08:37 PM
चन्द्रोदय07:03 AM
चन्द्रास्त12:45 AM
चन्द्र राशिमिथुन
सूर्य राशिमेष
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:26 PM – 01:28 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:42 AM – 04:30 AM
अमृत काल06:41 AM – 08:09 AM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल06:42 PM – 08:37 PM
गुलिक काल04:47 PM – 06:42 PM
यमगण्ड12:57 PM – 02:52 PM
वर्ज्यम्
दुर्मुहूर्त06:34 PM – 07:35 PM

दिन चौघड़िया

उद्वेग05:18 AM – 07:12 AMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:12 AM – 09:07 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ09:07 AM – 11:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत11:02 AM – 12:57 PMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल12:57 PM – 02:52 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:52 PM – 04:47 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग04:47 PM – 06:42 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग06:42 PM – 08:37 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित

रात्रि चौघड़िया

शुभ08:37 PM – 09:42 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग09:42 PM – 10:47 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:47 PM – 11:52 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:52 PM – 12:57 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ12:57 AM – 02:02 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत02:02 AM – 03:07 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल03:07 AM – 04:12 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ04:12 AM – 05:18 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle