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VedicSpaceपंचांगलंदन › 2027-05-28

लंदन पंचांग — 28 मई 2027

कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि, शतभिषा नक्षत्र · शुक्रवार · इंग्लैंड (51.5074°, -0.1278°)

दिन शुद्धि: शुद्धविक्रम संवत् 2084 (रौद्री)शक संवत् 1949वृषभ (वैशाख)

पंचांग का अर्थ है दिन के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण। ये पाँचों सूर्य और चंद्र की वास्तविक स्थिति से निकलते हैं और दिन भर बदलते रहते हैं, इसलिए इनकी गणना लंदन (51.5074°, -0.1278°) के अपने सूर्योदय — आज यहाँ 04:53 AM से की जाती है, किसी देश-भर के औसत से नहीं। नीचे इन्हीं पाँचों के आज के मान हैं, उनके समाप्ति-काल के साथ, और उसके बाद दिन के शुभ और अशुभ समय।

फल
तिथिकृष्ण पक्ष अष्टमीतक 03:50 AMजया तिथि — शुभ एवं सहायक।
वारशुक्रवारकला, संगीत, विवाह, वाहन, ऐश्वर्य, सुख।
नक्षत्रशतभिषा · पाद 1तक 05:12 AMचर नक्षत्र — यात्रा, वाहन, उद्यान, चंचल एवं गतिशील कर्म।
योगवैधृतितक 11:04 PMमहापात योग — समस्त शुभ कर्मों हेतु पूर्णतः वर्जित।
करणबालवतक 02:57 PMचर करण — प्रायः सभी कार्यों हेतु उपयुक्त।
इस पृष्ठ के गुण-शब्द

सूर्य–चन्द्र

सूर्योदय04:53 AM
सूर्यास्त09:04 PM
चन्द्रोदय01:44 AM
चन्द्रास्त12:20 PM
चन्द्र राशिकुम्भ
सूर्य राशिवृषभ
अयन · ऋतुउत्तरायण · वसन्त

शुभ मुहूर्त

अभिजित मुहूर्त12:26 PM – 01:30 PM
ब्रह्म मुहूर्त03:17 AM – 04:05 AM
अमृत काल08:09 PM – 09:55 PM

अशुभ काल — वर्जित

राहु काल10:57 AM – 12:58 PM
गुलिक काल06:54 AM – 08:55 AM
यमगण्ड05:01 PM – 07:02 PM
वर्ज्यम्09:35 AM – 11:21 AM
दुर्मुहूर्त11:21 AM – 12:26 PM
दुर्मुहूर्त03:40 PM – 04:45 PM

दिन चौघड़िया

चर04:53 AM – 06:54 AMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ06:54 AM – 08:55 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत08:55 AM – 10:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल10:57 AM – 12:58 PMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ12:58 PM – 02:59 PMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग02:59 PM – 05:01 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग05:01 PM – 07:02 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर07:02 PM – 09:04 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य

रात्रि चौघड़िया

रोग09:04 PM – 10:02 PMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित
उद्वेग10:02 PM – 11:01 PMउद्वेग — केवल राजकीय / उत्तेजक कार्य; शुभ आरम्भ वर्जित
चर11:01 PM – 11:59 PMचर — यात्रा, वाहन, चंचल कार्य
लाभ11:59 PM – 12:58 AMलाभ — व्यापार, वाणिज्य, नवीन उपक्रम
अमृत12:58 AM – 01:57 AMअमृत — समस्त शुभ कर्मों हेतु सर्वोत्तम
काल01:57 AM – 02:55 AMकाल — धन-संचय, वाद-विवाद; शुभ आरम्भ वर्जित
शुभ02:55 AM – 03:54 AMशुभ — विवाह, संस्कार, शिक्षा
रोग03:54 AM – 04:53 AMरोग — संघर्ष, ऋण-वसूली; शुभ आरम्भ वर्जित

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अन्य तिथियाँ

अन्य नगरों का पञ्चाङ्ग

स्रोत एवं प्रमाण

P Sun/Moon sidereal longitudes via Swiss Ephemeris (pyswisseph), Lahiri/Chitrapaksha ayanamsa
T1 Surya Siddhanta — tithi=Moon−Sun/12°, nakshatra=Moon/13°20′, yoga=(Sun+Moon)/13°20′, karana=half-tithi
T3 Rahu/Yamaganda/Gulika kalam — 8 equal day-octants by weekday (standard panchang convention)
T2 Prasna Marga — Visha (Varjyam) & Amrita ghati table per nakshatra
T2 Muhurta Chintamani — auspicious/inauspicious yogas, masa/ritu/ayana
T2 Abhijit = the midday muhurta — Jaimini Sutras, B. S. Rao 1955, commentator's note to Su.27: “The mid-day goes under the name of Abhijit and is considered as very auspicious for all work. It cuts away all evils. Abhijit sarva doshaghnam.” Day divided into 15 muhurtas of 2 ghati each, varying with daylength — Brihat Parasara Hora Sastra (Tara Chandra Shastri / Khemaraja edition)
T3 Durmuhurta — muhurta slots by weekday (standard panchang convention; no verse for it in our library, so it is not cited to one)
T3 Muhurta Chintamani — Choghadiya/Kalahora prakarana; weekday-rotated 7-cycle